माँ के कफ़न के लिए भटकता रहा युवक

माँ के कफ़न के लिए भटकता रहा युवक

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500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद लोगों की परेशानियां कम बड़ती ही जा रही है! जगह जगह पर कुछ न कुछ विचित्र देखने को मिल ही जाता है! कहीं कहीं तो इस सदमे से मौैत हो गई! और मरने बाद भी लोगों को चेन नहीं मिला पैसों को लेकर श्मशान घाट में बहस तक छिड़ गई! अचानक बैंक बंद होने से हमारी समझदार सरकार पर तो कोई फर्क नहीं पडा क्योंकि शायद उन्होने अपना इंतज़ाम पहले ही कर लिया था!
लेकिन परेशानी बेचारी आम जनता को उठानी पड़ रही है! सरकार ने इतना बड़ा फैसला लेने से पहले शायद सोचा भी नहीं होगा के आम जनता की परेशानियां किस हद तक जा सकती है! लेकिन सरकार के नुमाइन्दे इसे मात्र अल्पकालिक परेशानी बता रहे है पर ये परेशानी लागों की जान पर बन आई!
 
मौके पर हुई मौत
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक बैंक में बुधवार को पैसे जमा कराने आई 60 वर्षीय वृद्धा तीर्थराजी देवी को पता चला सेंट्रल बैंक बंद है, पैसा जमा नहीं हो रहा है व ये नोट अब अवैध घोषित हो गए हैं! जिसमें उनकी मौके पर ही मौत हो गई परिजनों का कहना था कि घर की माली हालत ठीक नहीं है! वह हजार के दो नोट और पासबुक लेकर बैंक चली आई यह दो हजार हमारे लिए बहूमुल्य थे!20161109_163813
 
मां के कफन के लिए भटकता रहा युवक 
11 नवंबर तक सरकारी अस्पतालों, रेलवे टिकट कांउटरो, और कब्रिस्तान व श्मशान घाटों आदि पर 500 और 1000 रूपये के नोटों का इस्तेमाल किया जा सकता है! बावजूद इसके अपनी मां के कफन के लिए 500 रूपये का नोट लेकर मघेपुर निवासी इनामुला हक भटकता रहा बुधवार सुबह को इनामुल की मां हंसनून निशा जो की 60 साल की थी उनकी मौत हो गई! इनामुल हक कफन खरीदने बाजार गया! कोई भी दुकानदार उसे कफन देने को तैयार हुआ! उसके पास सिर्फ 500 और 1000 रूपये के ही नोट थे! थककर उसने घटना की जानकारी वार्ड पार्षद को दी! उनकी मदद के बाद ही इनामुह की मां कफन मिला! इन्होने कभी सपने मेें भी नहीं सोचा होगा के अपनी मां के कफन के लिए उन्हें इतना भटकना पडेगाkafan
 
काशी में पुलिस मुस्तेद हुई 
मोक्ष की नगरी काशी में मणिकर्णिका घाट के दुकानदारो ने महाश्मशान का मान रखा! लोगो के कष्ट का ध्यान रखते हुए एक हजार व 500 के नोट स्वीकार किए! कफन लकडी समेत अत्येष्टि के अन्य सामान का ’राउंड फीगर’ में भुगतान का रास्ता निकाल लिया! इसमें कभी शवदाह करने आए लोगों ने कुछ सहा तो दुकानदारों ने भी 4200 का चार हजार स्वीकार कर लिया! हालांकि एक दो मामलों में किचकिच ज़रूर शुरु हो गई! बाद में  असमंजस के हालात को देखते हुए पुलिस को मुस्तेद करना पड़ा! pol

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