सवालों के घेरे में एनकाउंटर

सवालों के घेरे में एनकाउंटर

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आईएसऔ सटिर्फिकेट प्रमाणित जेल से 8 कैदी एक साथ भागते है! आई एस औ प्रमाणित मतलब कई मायनों में उसकी सिक्योरिटि इंटरनेशनल लेवल की होती है!
अलग अलग सेल से ये कैदी एक साथ बाहार कैसे निकलते है? सैल और बैरिक के दरवाज कैसे तोड़ देते है? 16 से 21 फिट की दिवार को चादर कम्बल की मदद से लांघा जाता है!
उस वक्त वॉच टावर पर खड़ा गार्ड क्या कर रहा था?
दिवारों पर लगी बिजली की तारें काम नहीं कर रहीं थी इसके बारे में कैदी कैसे जानते थे?
जिस सैल से कैदी फरार हुए, वहां के कैमरे भी खराब थे, सवाल बहुत सारे जन्म लेते है और सवाल करना वाजिब भी है!

सरकार कहती है! मामले का राजनीतिकरण न हो, आतंकवादियों का समर्थन न करें!
भोपाल एनकांउटर आज सवालों घेरे में है!
हैड काउंसटेबल रमा शंकर यादव की नोकिली चम्मच प्लेट की मदद से हत्या कर दी जाती है बहुत अजीब बात है प्रशासन ने रमा के बुढ़े कंधों पर आठ कैदियों को रोकने का ज़िम्मा सोंप रखा था इसलिए इस छोटी सी मुठभेड़ का कोई गवाह भी नहीं है!

बहुत फिल्मी तरीके से भागे या भगाए कैदियों को जल्द ही पकड़ भी लिया जाता है! पहले आपको बता दें कि आरोपियों पर आरोप अभी सिद्व नहीं हुए थे! एनकांउटर में मारे गए सिमी कार्यकरताऔं का मुकदम्मा लड़ रहे अधिवक्ता तहव्वुर खान ने एनकांउटर को साज़िश बताते हुए कहा कि इनके खिलाफ कानूनी तौर पर कोई सबूत नहीं था और अदालत का फैसला उनके पक्ष में आना था!

एनकांउटर में मारे गए सिमी कार्यकरताऔं का मुकदम्मा लड़ रहे अधिवक्ता तहव्वुर खान ने एनकांउटर को साज़िश बताते हुए कहा कि इनके खिलाफ कानूनी तौर पर कोई सबूत नहीं था और अदालत का फैसला उनके पक्ष में आना था!

bho1साथ परतिय सुरक्षा जेल से कैदियों का असानी से भागना, निहत्थे आरोपियों के एनकांउटर की क्या ज़रुरत थी? एनकांउटर बाद सभी के अलग अलग बयान, जैसे कई गम्भीर सवाल ये दिखाता है कि दाल में कुछ काला है! उत्तरों के अभाव में जांच हो रही है सरकार इसे ढाल बनाकर छुपी है! इस पेचिदा गुत्थी को अभी और उलझाया जाएगा! बहरहाल मिडिया टुडे रमाशंकर यादव की शहादत को सलाम करता है!

अंजलि चौधरी

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