रुपये का इतिहास, आज बन गया इतिहास

रुपये का इतिहास, आज बन गया इतिहास

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लम्बे समय से साथ निभाने वाले 500 और 1000 के नोटों को अब अलविदा कहने का समय आ गया है! पर क्या आप हमारे रुपय के दिलचस्प इतिहास को जानते है? भारत में नोटों की शुरुआत कहांॅ व कब से हुई? हम आपको बताते हैं रुपये का दिलचस्प इतिहास! जिसे सुनकर आप भी हैरान हो जाऐंगे!
रुपये शब्द का उद्भव संस्कृत के शब्द रुप या रुपहा में निहित है! जिसका अर्थ चांदी होता है! और रुप्यकम् का अर्थ होता है चांदी का सिक्का! रुपये शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम शेर शाह सूरी ने अपने शासन काल के दौरान किया था और ये नाम आज तक प्रचलन में है! भारत में ब्रिटिश राज के दौरान भी यही नाम रहा! भारत में करंसी का इतिहास लगभग 2500 साल पुराना है!
1862-lcwyon-designबात करें सन् 1917 की तो 1 रुपया 13 डॉलर के बराबर चलता था! लेकिन जब 1947 मेें भारत आज़ाद हुआ तब 1 रुपया 1 डॉलर कर दिया गया! पर बाद में धीरे धीरे भारत पर कर्ज़ बढने लगा! जिसके बाद इंदिरा गांधी ने कर्ज़ चुकाने के लिए रुपये की कीमत कम करने का फैसला लिया और तब से आज तक रुपये की कीमत घटती आ रही है! अगर अंग्रज़ों का बस चलता तो आज भारत की करंसी पाउंड होती पर रुपये की मज़बूती के कारण ऐसा नहीं हो हुआ!
एक दिलचस्प बात यह है की जब हिंदुस्तान का बंटवारा हुआ तब पाकिस्तान में भारतीस मुद्रा का प्रयोग किया! जब तक उन्होंने अपने काम चलाने लायक नोट न छाप लिए! एक समय ऐसा था जब बांग्लादेश ब्लेड बनाने के लिए भारत से 5 रुपये के सिक्के मंगवाया करता था! 5 के एक सिक्के से 6 ब्लेड बनते थे! एक ब्लेड की कीमत 2 रुपये होती थी! इस तरह उनकी अच्छी कमाई हो जाती थी, जब यह बात भारत सरकार को पता चली तो सिक्के बनाने वाला मेटल ही चेंज कर दिया! आज़ादी के बाद सिक्के तांबे के बनने थे! उसके बाद 1964 में एल्मुनियम के और 1988 मेें स्टेनलेस स्टील के बनने शुरु हुए! लेकिन अब भारतीय नोट किसी आम कागज़ नहीं बल्कि कॉटन के बने होते है! ये इतने मज़बूत होते है की नोट के दोनो सिरों को पकड़कर इसे नहीं फाडा जा सकता
1000हर भारतीय नोट पर कोई न कोई चित्र या फोटो हमेशा लगी रहती है! जैसे 20 रुपये के नोट पर अंडमान आइलैंड की तस्वीर है! वही 10 रुपये के नोट पर हाथी गैंडा और शेर छपा हुआ है! जबकि 100 रुपये के नोट पर पहाड़ और बादल की तस्वीर है! इसके अलावा 500 रुपये के नोट पर अजा़दी के आंदोलन से जुड़ी 11 मूर्ति की तस्वीर छपी है! भारतीय नोट पर कीमत 15 भाषाओं में लिखी होती है! आर बी आई ने जनवरी 1938 में पहली बार 5 रुपये की पेपर करंसी छापी थी! जिस पर किंग जॉर्ज का चित्र था!
भारतीय नोट पर महात्मा गांधी की जो फोटो छपती है! वह तब खींची गई थी जब तत्कालीन बर्मा और भारत में ब्रिटिश सेक्रेटरी के रुप में कार्यरत क्रेडरिक पेथिल लॉरेंस के साथ कोलकाता स्थित वायसराय हाउस में मुलाकात करने गए थे यह फोटो 1996 में नोटो पर छपनी शुरु हुई थी इससे पहले महात्मा गांधी की जगह अशोक स्तंभ छापा जाता था!
500 का पहला नोट 1987 में और 1000 कर पहला नोट सन् 2000 मेें बनाया गया था! 75, 100, 1000 के सिक्के छप चुके है! 1 रुपये का नोट भारत सरकार द्वारा और 1000 तक का नोट आरबीआई जारी करती है! नोटो पर सीरियल नम्बर इसलिए डाला जाता है! ताकि आरबीआई को पता चलता रहै कि इस समय मार्किट में कितनी करेंसी है! आरबीआई के अनुसार भारत में हर साल 2000 करोड़ करंसी नोट छपता है! आरबीआई जितनी मजीऱ् चाहै उतने कीमत के नोट नहीं छाप सकता बल्कि वह सिर्फ 10,000 तक के नोट छाप सकती है! अगर उसने इससे ज्यादा कीमत के नोट छापने हैं तो उसको रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया 1934 में बदलाव करता होता है!
अंजलि चौधरी

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