नोटबंदी ने छीनी बाज़ारों की रौनक

नोटबंदी ने छीनी बाज़ारों की रौनक

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500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने का असर सबसे ज्यादा बाजारों में दिख रहा है! साभी बाज़ान सून सान पड़े है! ना पैसा और न लेन देन, ग्राहक तो परेशान हैं ही लेकिन दुकानदारों को भी सरकार के इस कदम ने रुला दिया है! इस वजह से बाजारों में रौनक चली गई है!

जिन बाज़ारों में सुबहा शाम रोनक बिखरी रहती थी वहां आज मातम पसरा पड़ा है! नोटों की तंगी की वजह से कुछ काम नहीं हो रहा है! न कोई गा्रहक कुछ खरीदने आएगा और न ही कोई दुकानदार कुछ बैच पाएगा! बाज़ारों का तो कुछ ऐसा हाल है की वहां पर ढूंढने से भी ग्राहक नहीं दिख रहा था! ये हाल शहर की तमाम मार्केटों का है!

दुकानदारों को समझ नहीं आ रहा है कि वो कैसे इस स्थिति से उभरें! दुकानदारों के पास कई दिन पुराना माल रखा हुआ है! लेकिन बिक ही नहीं रहा है! लिहाजा वह सस्ती दर पर भी सब्जी दे रहे थे! बाजार में 100 रुपए के नोट की कमी से खरीदार नजर नहीं आए! सब्जियों का बड़ा बाजार है! लेकिन खरीदार नहीं होने से यहां की सब्जियां खराब हो रही हैं! दुकानदारों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है! नया माल खरीदने के लिए उनके पासा पैसा नहीं है! सभी मार्केट में सन्नाटा छाया हुआ है!

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