नोटबंदी ने ली एक और ग्रामीण की जान, लाइन में लगने के...

नोटबंदी ने ली एक और ग्रामीण की जान, लाइन में लगने के बाद हुआ सीने में दर्द

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नोटबंदी से देश के अलग अलग कोने में मौतों की खबरें आना आम बात हो गई है यह अलग है की सरकार अभी तक सो रही है! विपक्ष तो इस ओर ध्यान भी दे रही है पर सरकार के कान पर तो जूं तक नहीं रेंग रही! ऐसी ही एक घटना भगतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम चक ठिरियादान से आयी है जहां एक ग्रामीण की नोटबंदी सदमें से मौत हो गई !

मृतक के पुत्र शमसाद अली एवं अन्य परिजनों ने बताया कि अब्दुल हकीम 55 वर्ष के थे! मजीद जनपद रामपुर के नगर टांडा स्थित एक बैंक से रूपये निकालने गये थे ! वहां लम्बी लाइन में वे लग गये! लाइन लम्बी देखकर उन्हें घबराहट होने लगी एवं लाइन में लगने के कुछ समय बाद उनके सीने में दर्द होने लगा व वह बिना रूपये निकाले ही घर वापस आ गये परिजनों ने बताया कि घर आने पर उनकी हालत ओर अधिक बिगड़ने लगी! इसके बाद परिजन उन्हें मुरादाबाद स्थित एक अस्पताल में ले गये जहाँ उनकी मौत हो गई!

मजीद के चार पुत्र व दो पुत्रीयां हैं! परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है! अब मजीद के बच्चों के पालन पोषण कि ज़िम्मेदारी कौन लेगा! सरकार को तो इन मौतों से कोई फर्क पडता नहीं है परंतु इस समय सबसे बड़ी समस्या ग्रामीण इलाकों में है जहां पर न कोई कैश लेस व्यवथा के बारे में जानता है न ही अन्य कोई सुविधा है!

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