धर्म की आस्था पर न पंहुंचे आघात

धर्म की आस्था पर न पंहुंचे आघात

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धर्म की आग सिर्फ भारत तक सिमित नहीं है! बल्कि हमारे पडोसी देशों में भी इस तरह की हलचलें होती रहती है जिससे की इंसानियत पर आघात पहुंचे! ऐसी ही एक घटना बांग्लादेश में हुई जहाँ फ़ेसबुक पर इस्लाम विरोधी पोस्ट के ग़ुस्से में कई हिंदू मंदिर और घर जला दिए गए! पुलिस का कहना है कि एक हिंदू युवक ने फ़ेसबुक पर एक पोस्ट की थी जिसमें मुसलमानों के पवित्र धर्म स्थल काबा की फोटो को एडिट कर उसपर हिंदू देवता शिव को बैठा दिया गया था! इस पोस्ट से गुस्साए लोगों ने बांग्लादेश के ब्राह्मणबरिया ज़िले के नासिरनगर में हिंदू समुदाय के घरों और मंदिरों को निशाना बनाया तथा कम से कम 20 घरों में आग लगा दी गई है!

इस तरह की घटना का हम पूर्ण रूप से विरोध करते हैं! यह एक अमानवीय घटना है कोई भी सभ्य समाज इस तरह की हिंसा को सही नहीं ठहरा सकता लेकिन किसी के धार्मिक विश्वास को आघात पहुँचाना भी सही नहीं है! मक्का और मदीना मुसलमानों के लिए पवित्र स्थल है जहाँ से उनकी आस्था जुडी है! ऐसे में उसका अपमान किसी के भी लिए असहनीय है! हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है! ये घटना भी उसी का हिस्सा है!

धर्म एक बहुत संवेदनशील मामला है जिसमें सोच समझकर कदम उठाना चाहिए कुछ लोग ऐसे बचकाना हरकतें कर देते है! और भुगतना पुरे समुदाय को पड़ता है भारत में भी ऐसी कई अप्रिय घटनाएं हो चुकी है अभी हाल ही में हुए मुज़फ्फरनगर दंगों में मुस्लिम समुदाय को भारी भत्सर्ना झेलनी पढ़ी थी इन दंगों ने उनका सबकुछ छीन लिया काफी समय तक कड़ाके की ठंड में कब्रिस्तान में आसरा लेना पढ़ा और उनकी मदद के लिए कोई भी हाथ आगे नहीं आया!

देखने वाली बात ये है की धर्मों की रक्षा के लिए वही लोग आगे आते है जिनकों धर्म की परिभाषा तक नहीं पता! सभी लोगों को सभी मज़हब की इज़्ज़त करनी चाहिए! किसी भी मज़हब को बुरा कहने से पहले ये अवश्य सोच ले की ” धर्म कभी बुरा नहीं होता किन्तु उसको मानने वाले बुरे होते है!”

अंजुम

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