हमारी ज़िदगी असान बना दो

हमारी ज़िदगी असान बना दो

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नोट बदलवाने के लिए लोगों को रात रात भर जागना पड़ रहा है इसमें छतीसगढ़ के दूर दराज के इलाके अबूझमाड़ गांव के निवासी सहित सुदूर क्षेत्रों के ग्रामीण शामील हैं! नोटबंदी के चलते जिले के निवासी खासा दिक्कतों का सामना कर रहे हैं! जानकारी के मुताबिक गांव के लोग 60 से 70 किलोमीटर पैदल चलकर आने को मजबूर हैं! ग्रामीणों को जिला मुख्यालय में एक.दो रात गुजारने के बाद ही बैंकों में रुपये जमा करने का मौका मिल रहा है!

फॉर्म भरने में हो रही समस्या तक तो ठीक था लेकिन सबसे गौर करने वाली बात है कि बैंकों में तैनात सुरक्षाबलों के द्वारा भी ग्रामीणों की मदद नहीं की जा रही है! नगर के अधिकांश एटीएम पिछले कई दिनों से बंद हैं! बैंकों में रुपये की अदला.बदली न होने और प्रमुख बैंकों के एटीएम बंद होने से लोगों को रोजमर्रा के खर्च के लिए रुपये नहीं मिल रहे हैं! अचानक हुई इस नोटबंदी से लोग बेहद नाराज हैं! वहीं राज्य सरकार के फैसले ने तो ग्रामीणों की समस्या और बढ़ा दी है! जिला सहकारी बैंक में किसानों की पूंजी न तो जमा की जा रही है और न ही उन्हें नोट के बदले नए नोट दिए जा रहे हैं!

भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अचानक उठाए गए नोटबंदी के इस कदम से करोड़ो लोग इसी तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं! मेट्रो शहरों में हर चार कदम की दूरी पर एटीएम और बैंक होने के बावजूद लोग घंटो लंबी कतारों में लग रहे हैं वहीं दूरदराज के गांवों की वास्तविक हक़ीकत और वहां के विकास का बड़ा उदाहरण है छत्तीसगढ़ का ये अबूझमाड़ गांव! अगर पीएम मोदी गोपनीय और सुनियोजित तरीके से ये फैसला लेते तो देश भर में लोगों को इस तरह परेशान न होना पड़ता! मोदी सरकार को इसके बहतर व्यवस्था करनी चाहिए थे! ताकि ज़िंदगी को असान बनाया जा सकता!

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