सर्जिकल स्ट्राइक की तरह ही काले धन पर सर्जिकल स्ट्राइक मुख्यमंत्री गुप्तवास...

सर्जिकल स्ट्राइक की तरह ही काले धन पर सर्जिकल स्ट्राइक मुख्यमंत्री गुप्तवास में चले गये- बीजेपी

113
SHARE
पीएम मोदी द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब काला धन पर कड़ा कदम उठाने के बाद राजनिती गलियारे में घमासान मच गया है! इसी बीच  दिल्ली बीजेपी कार्यालय में प्रेसवार्ता  आयोजन किया गया जिसमें भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को राजनीति में आये मात्र 4 वर्ष हुये हैं! और वह भ्रष्टाचार में आरोपित मायावती,  मुलायम सिंह जैसे राजनेताओं के साथ खड़े नजर आ रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के काले धन पर सर्जिकल स्ट्राइक पर अरविन्द केजरीवाल की प्रतिक्रिया कांग्रेस जैसी है।भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री सरदार आर पी सिंह भी पत्रकार सम्मेलन में उपस्थित थे! आम आदमी विशेषकर शहरी एवं ग्रामीण युवाओं ने प्रारम्भिक तकलीफ के बाद प्रधानमंत्री के निर्णय का स्वागत किया है!
भाजपा के प्रबल राजनीतिक विरोधियों नीतीश कुमार एवं नवीन पटनायक ने इसे सही दिशा में दूर्गामी कदम बताया है!  हम लम्बे समय से भ्रष्टाचार एवं काले धन के उपयोग के लिए आरोपित कांग्रेस, समाजवादी पार्टी एवं बसपा की प्रतिक्रियायें तो समझ सकते हैं पर अरविन्द केजरीवाल को काले धन पर युद्धघोष के साथ राजनीति में आये थे उनकी बोखलाहट एवं प्रतिक्रिया समझ से परे है!
सरकार को विदेशों में जमा काले धन को वापस लाने के लिए अभियान को और तेज करना चाहिए पर हम मुख्यमंत्री केजरीवाल से पूछना चाहते हैं कि वह सरकार के वर्तमान अभियान पर प्रश्न क्यों उठा रहे हैं! हम केजरीवाल एवं उनकी टीम से पूछना चाहते हैं कि क्या यह सच नहीं कि काले धन एवं नकली नोटों का उपयोग देश को अस्थिर करने के लिए किया जाता है, तो फिर उन्हें इसके विरूद्ध अभियान पर आपत्ति क्यों है ?
दिल्ली प्रदेश के उपाध्यक्ष ने कहा है कि आतंकवाद पर सर्जिकल स्ट्राइक के समय की तरह ही अब जब काले धन पर सर्जिकल स्ट्राइक हुई तो मुख्यमंत्री केजरीवाल 36 घंटे के लिए गुप्तवास में चले गये! उपाध्याय ने कहा कि यह लड़ाई केवल काले धन के विरूद्ध नहीं है यह आतंकवाद की कमर तोड़ने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
जैसा कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि काले धन और नकली नोटों की खेपें पाकिस्तान से भारत में बड़ी मात्रा में भेजी जाती हैं ताकि इसका उपयोग आतंकवाद के पोषण में हो सके! अतः इस पर कार्रवाई राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण है! उपाध्याय ने कहा कि सेना के सर्जिकल स्ट्राइक की तरह इस आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक पर भी केजरीवाल ने अपनी एकतरफा प्रतिक्रिया ट्वीट एवं वीडिओ संदेश से दी है!
केजरीवाल के संदेश से एक दिन पूर्व हमनें आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह की 500 एवं 1000 के नोटों को बंद किये जाने पर प्रैसे कान्फ्रेंस को देखा! इन दोनों में एक समानता थी कि आम आदमी को नोटों के बंद होने से बहुत तकलीफ हो रही है और दोनों ने नोटों को बंद किये जाने को पंजाब, उत्तर प्रदेश एवं गोवा के चुनावों से जोड़ा!
सर्व प्रथम तो हमने प्रारम्भ में ही स्पष्ट किया है कि आम आदमी को निश्चय ही थोड़ी तकलीफ हो रही है पर इसके बावजूद वह प्रसन्न है! कल टेलीवीजन चैनलों ने दिखाया कि सारे देश में लोगा लाइनों में लगने के बावजूद मोदी सरकार की प्रसंशा कर रहे हैं!
उपाध्याय ने कहा कि यह समझना आवश्यक है कि राजनीतिक दलों में केजरीवाल, मुलायम, मायावती एवं कांग्रेस की प्रतिक्रिया एक जैसी है!  2017 में होने वाले विधानसभा चुनावों में इन सभी दलों का बड़ा दाव है और यह चारों एक जैसी रटी रटाई भाषा तोते की तरह बोल रहे हैं। हमें समझ नहीं आता कि यह चारों चुनावों को काले धन से इस तरह क्यों जोड़ रहे हैं!
पिछले कुछ महीनों से लगातार समाचार आ रहे हैं कि केजरीवाल, मायावती एवं मुलायम की पार्टियां 2017 के चुनाव टिकट बेचे रही हैं और इन सभी के घरों में करोड़ों रूपया नकद जमा है! आज हम सोचने पर मजबूर हैं कि यह दल चुनाव से इतने पहले अपने टिकट घोषित करने पर मजबूर क्यों थे, क्योंकि यह प्रतियाशी की घोषणा नहीं हुई थी यह टिकट बिक्री थी, देने वाले नाम घोषणा के बाद ही देने वालों ने नकद भुगतान किये हैं।
केजरीवाल ने व्यापारियों ने हवाला व्यापारियों के बारे में भी बोला है।  हम हवाला और काले पैसे पर उनकी चिंता को समझ सकते हैं क्योंकि 2015 के विधानसभा चुनाव के समय आम आदमी पार्टी का नाम हवाला लेनदेन से खूब जुड़ा था और अभी हाल ही में मंत्री सतेन्द्र जैन के हवाला कारोबार की काफी चर्चा रही है! उपाध्याय ने कहा है कि जिस तरह काले धन का दुरूपयोग आतंकवाद में होता है शायद उसी तरह अरविन्द केजरीवाल की राजनीति में भी होता है। इस प्रैसवार्ता को समाप्त करने से पहले हम दिल्ली के मुख्यमंत्री और पंजाब के स्वयंभू आने वाले मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को यह भी याद दिलाना चाहते हैं कि इस काले धन एवं नकली नोटों का उपयोग नशाखोरी के धंधे में भी होता है!

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY