किस देश में रहते हो? मोदी जी 

किस देश में रहते हो? मोदी जी 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी जापान यात्रा पर निकले हैं और वहां भी वह देश की जनता को सम्बोधित किय बिना नहीं रह पाये भारत में चारों और अफरा तफरी का माहौल है! नरेंद्र मोदी ने यात्रा के दौरान कहा “भारतीय करेंसी से बड़े नोटों को हटाए जाने की सूचना का गुप्त रखा जाना बेहद जरूरी था!”
 
चलो ठीक है मोदी जी हम मानते हैं की इस जानकारी को गुप्त रखा जाना बेहद ज़रुरी था! पर क्या ये ज़रुरी नहीं था कि नोटों के बदलाव की समस्या का उचित समाधान किया जाना था! क्या ये ज़रुरी नहीं था की नए नोटों की व्यवस्था पहले ही करनी चाहिए थी! ताकि जनता को परेशानी का समना न करना पड़ता! 
 
मोदी सरकार के 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने के फ़ैसले का आज पांचवा दिन है और इस फ़ैसले का असर बैंकों व एटीएम मशीनों की बाहर लगी लंबी कतारों के तौर पर देखा जा सकता है! जबकि नरेंद्र मोदी ने अपने बयान में कहा “इस फ़ैसले को अचानक ही लागू किया जाना था! लेकिन मुझे पता नहीं था कि इसके लिए मुझे दुआएं मिलेंगी!” नरेन्द्र मोदी ने इशारा किया है कि काले धन से निपटने के लिए कई और बड़े फ़ैसले भी जल्द लिए जा सकते हैं! 
 
मोदी जी हम आपसे यह जानना चाहते हैं की आप किस देश में रहते हैं? क्योकि यदि भारत में रहते तो आपको यह अवश्य पता होता के लोग आपको दुआऐं नहीं दे रहें हैं! जो लोग रात रात भर बैंक और एटीएम की लाइन में लगे हैं वो कहां से दुआएं देंगें जिन लोगों के घर में मौत हो गई जिन लोगों की शादी टल गई, जिन के घर में चार दिन से खाना नहीं बना, जिन लोगों को कफ़न नसीब नहीं हो रहा और उनके घर वाले दर बदर भटक रहें है वो कहां से अपको दुआएं देगें? 
 
कुछ दिनों पहले आप ही ने कहा था मोदी जी की “देश की जनता मेरे साथ है!” देश की जनता आपके साथ होती अगर आप उनकी तकलीफ समझते आपके साथ अभी भी वहीं लोग हैं जो आपकी अंधभक्ति करते हैं! आप अगर देश में रहते तो आपको पता चलता के देश की जनता आपके साथ नहीं है बल्कि लाइनों में है! सम्भव तो नहीं किंतु ऐसी व्यवस्था होती बैंक व एटीएम में रुपयों के साथ वोट भी डालने है, तो शायद आपकी सरकार गिर जाती! 
jaitley
उधर वित्त मंत्री अरूण जेटली ने लोगों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा है कि बैंकों और एटीएम में पुराने नोट बदले जाने के काम में कुछ हफ्ते लग सकते हैं क्योंकि देश में जो पैसे हैं उसका 85 प्रतिशत हिस्सा पांच सौ और हज़ार के नोटों का है! जेटली ने बताया कि करीब 30 अरब डॉलर के पुराने नोट अभी तक बैंकों में जमा हो चुके हैं!
जेटली जी आपको इतना सब पता है तो इतना भी पता होना चााहिए की निर्धारित समय से पहले बैंक क्यों बंद हो रहैं है? एटीएम में कैश क्यों नहीं हैं! सरकार के बड़े.बड़े दावों और वादों की धज्जी उड़ चुकी है! बैंकों और एटीएम में कैश तेज़ी से खत्म हो जा रहे हैं और लोगों के न रुकने वाले काम भी थमे पड़े हैं! कैश विड्राव करने की सीमा ने मसले को और पेचीदा बना दिया है! 
 
शायद सरकार ने ठीक प्रकार से मंत्रणा नहीं की, तभी इतनी भयानक स्थिति पैदा हो गयी है! अब तो सारा काम काज भगवान् भरोसे चल रहा है! मोदी जी आपसे बस इतना कहना है अब तो देश में रहिये और समस्या का समाधान करिये! 
 
अंजुम कुरैशी 
 

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