दिल्ली बीमार है और सरकार ‘फरार’ है

दिल्ली बीमार है और सरकार ‘फरार’ है

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नई दिल्ली : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पंजाब में चुनाव प्रचार करने के बाद अब बैंगलुरु पहुंच गए हैं। जहां उन्हें अपनी खांसी का इलाज करवाना है। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया सरकारी दौरे पर इन दिनों फिनलैंड में हैं। दिल्ली सरकार के तीसरे मंत्री गोपाल राय पार्टी और संगठन के काम से सिलसिले में छत्तीसगढ़ में हैं। दिल्ली के चौथे मंत्री इमरान हुसैन हज यात्रा पर मक्का मदीना गए हुए हैं।

यहां पर हम आपको एक और महत्वपूर्ण बात बताने वाले हैं, हमें लगता है कि ये जानकारी आपके लिए ज़रूरी है। क्योंकि जो आंकड़ा हम आपको दिखाने जा रहे हैं, उसे देखने के बाद आप समझ जाएंगे कि दिल्ली सरकार इन बीमारियों को रोकथाम के लिए कितनी गंभीर है?

आपको जानकर हैरानी होगी कि पिछले 6 वर्षों में, दिल्ली में चिकनगुनिया के सिर्फ 326 मामले सामने आए, जबकि इस वर्ष अभी तक 17 सौ से ज्यादा मामले दिल्ली में सामने आ चुके हैं। यानी दिल्ली सरकार की नाकामी और लापरवाही की कीमत दिल्ली के लोगों को चुकानी पड़ी रही है। ये आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली में पब्लिक हेल्थकेयर सिस्टम पूरी तरह से फ्लॉप हो चुका है।

वैसे आपने ये भी गौर किया होगा कि, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अक्सर फिल्मों की समीक्षा भी करते हैं। मुख्यमंत्री जैसे व्यस्त पद पर होने के बावजूद उन्हें फिल्में देखकर उनकी समीक्षा लिखने का भी वक्त मिल जाता है, लेकिन हमारा सवाल ये है कि क्या केजरीवाल ने कभी दिल्ली के हेल्थकेयर सिस्टम को रिव्यू करने के लिए वक्त निकाला?

ये सभी को पता है कि हर वर्ष अगस्त से लेकर अक्टूबर के बीच में डेंगू, मलेरिया या चिकनगुनिया के मामले सामने आते हैं, तो फिर दिल्ली सरकार ने क्यों पहले से तैयारी नहीं की?

दिल्ली बीमार है, और यहां का पब्लिक हेल्थकेयर सिस्टम आईसीयू में भर्ती है, लेकिन अरविंद केजरीवाल के पास बहानों की एक बार फिर एक लंबी लिस्ट है। अपनी इस नाकामी के लिए उन्होंने एक बार फिर केन्द्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और दिल्ली के एलजी को जिम्मेदार बताया है। यहां अरविंद केजरीवाल को ये भी समझना चाहिए कि उनकी सरकार आने से पहले भी अलग अलग सरकारों ने दिल्ली की सत्ता संभाली है जो इसी व्यवस्था के तहत काम करती थीं लेकिन कब किसी ने इतनी शिकायतें नहीं कि अगर अरविंद केजरीवाल को लगता है कि उन्हें काम करने नहीं दिया जा रहा और उनके हाथ बंधे हुए हैं तो हमारा विचार है कि उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।

ट्विटर पर केजरीवाल ने लिखा है कि सीएम और मंत्रियों के पास अब कोई पावर नहीं बची है, वो एक पेन तक नहीं खरीद सकते हैं। एलजी और पीएम मोदी ने दिल्ली सरकार की सारी शक्तियां छीन ली हैं। इसलिए उनसे सवाल किया जाए। अरविंद केजरीवाल का ये जवाब बताता है कि वो एक बार फिर से इन समस्याओं के लिए केन्द्र सरकार और LG को जिम्मेदार बताकर अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं।

-दिल्ली में चिकनगुनिया से 6 लोगों की मौत हो चुकी है। यहां पर हम आपको चिकनगुनिया के बारे में कुछ एक्सट्र नॉलेज भी देना चाहते हैं।
-चिकनगुनिया एक वायरल बुखार है और एडीज एजिप्टी नाम के मच्छर के काटने से ये वायरस शरीर में घुस जाता है। इसे पीले बुखार का मच्छर भी कहते हैं।
-चिकनगुनिया बीमारी अक्सर गरम देशों में होती है।
-चिकनगुनिया का पहला मामला 1952 में तंज़ानिया में सामने आया था।
-अभी इस बीमारी से अफ्रीका, एशिया, भारतीय उपमहाद्वीप के देश सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
-हालांकि ये बीमारी यूरोप और अमेरिका में भी फैल चुकी है।
-फिलहाल पूरी दुनिया के 60 देशों में इस बीमारी के मरीज़ हैं।
-चिकनगुनिया एक बार हो जाने पर जीवन में दोबारा होने की संभावना लगभग न के बराबर होती है।
-चिकनगुनिया बीमारी सीधे एक मनुष्य से दुसरे मनुष्य में नहीं फैलती।
-इस बीमारी के लिए कोई विशेष दवा नहीं है, बल्कि इस बीमारी से पीड़ित मरीज़ों को बुखार, दर्द और जोड़ों की सूजन कम करने की दवा दी जाती है।

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