लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्‍मद अली हरीज को पहला मुस्लिम जनरल नहीं बनाना चाहते...

लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्‍मद अली हरीज को पहला मुस्लिम जनरल नहीं बनाना चाहते पीएम मोदी- शहजाद पूनावाला

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पीएम मोदी लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्‍मद अली हरीज को पहला मुस्लिम जनरल नहीं बनाना चाहते थेए इसलिए दो वरिष्‍ठ सैन्‍य अधिकारियों की अनदेखी की गई।ं पूनावाला ने ट्वीट कर पीएम मोदी पर यह आरोप लगाया है।

कांग्रेस नेता शहजाद पूनावाला ने नए सेनाध्‍यक्ष की नियुक्ति को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर साम्‍प्रदायिक भेदभाव का आरोप लगाया है। पूनावाला ने ट्वीट कर कहा कि पीएम मोदी लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्‍मद अली हरीज को पहला मुस्लिम जनरल नहीं बनाना चाहते थेए इसलिए दो वरिष्‍ठ सैन्‍य अधिकारियों की अनदेखी की गई। गौरतलब है केंद्र सरकार ने 17 दिसंबर को नए थलसेनाध्‍यक्ष के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत के नाम का एलान किया था। पूनावाला ने ट्वीट कियाए श्अगर मोदी बिपिन रावत को बिना बारी के आर्मी चीफ नहीं बनाते तो हरीज लेफ्टिनेंट बक्‍शी के कार्यकाल के बाद सेना के पहले मुस्लिम प्रमुख होते। लेकिन मोदी ऐसा नहीं चाहते थे।

अन्‍य एक ट्वीट में उन्‍होंने लिखा कि शायद आरएसएस मानसिकता के चलते मोदी सरकार किसी अल्‍पसंख्‍यक के सेना प्रमुख बनने को सहन नहीं कर सकती थी। भूतकाल में एक लेफ्टिनेंट जनरल की अनदेखी की गई थी दो की कभी नहीं हुई। अब बक्‍शी को सीडीएस बनाने की बात की जा रही है। हरीज जो चीज डिजर्व करते थे वो मोदी सरकार के चलते नहीं मिल पाई। यदि 1983 को दोहराया भी गया तो हरीज चीफ ऑफ आर्मी स्‍टाफ होते। इस अभूतपूर्व कदम के पीछे मोदी की मुस्लिम विरोधी आरएसएस मानसिकता है।

गौरतलब है कि मोदी सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत को नया थलसेनाध्‍यक्ष चुना है। उन्हें चीफ चुने जाने के लिए कमांड चीफ लेफ्टिनेंट प्रवीण बक्शी और दक्षिणी कमान के आर्मी चीफ लेफ्टिनेंट पीएम हारिज को नजरअंदाज किया गया।

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