जनाजे को दफनाने के लिए दो समुदाय में भिड़ंत, मौके पर पंहुची...

जनाजे को दफनाने के लिए दो समुदाय में भिड़ंत, मौके पर पंहुची पुलिस

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पुरखों के कब्रिस्तान में शव दफनाने आए एक संप्रदाय विशेष के लोगों को दूसरे समुदाय के लोगों ने रोक दिया। ममला है की हींग की मंडी की लाडो गली निवासी सैयद उमैर अली का गांधी नगर में पुश्तैनी कब्रिस्तान है। 6 नवंबर को इनके वालिद मरहूम सैयद अख्तयार अली की मिट्टी रात में इसी जगह दफनाई गई थी। रात के कारण उस दिन किसी को पता नहीं चला थाए लेकिन अगले दिन थोड़ा हंगामा हुआ। मंगलवार की सुबह जब उमैर की मरहूम माता सैयदा रहमान खातून का जनाजा कब्रिस्तान पहुंचा तो स्थानीय लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया और पुलिस को सूचना दे दी।

पुलिस ने जब कब्रिस्तान होने का प्रूफ पता किया तो जानकारी नहीं मिल पा रही थी। इस वजह से पुलिस को जनाज़ा रुकवाना पड़ गया। जब लोगों ने विरोध किया तो पुलिस को हल्‍का बल प्रयोग करना पड़ा और दोनों पक्षों को पुलिस ने खदेड़ दिया।

आल इण्डिया मजलिस.ए.इत्तेहादुल मुस्लिमीन के जिला अध्यक्ष अल्हाज मुहम्मद इदरीस अली ने बताया कि 12 बजे करीब हमारी पार्टी के महासचिव करीम अब्बुल उलाई का फोन आया के नेहरू नगर क़ब्रिस्तान में जनाजे को दफनाने से रोका गया। जब में वहा पर पहुँचा उस वक्त अपर पुलिस अधिक्षक अनुराग वत्स मोके पर आ गये थे उनसे हमारी बात हुई। अपर पुलिस अधिक्षक अनुराग वत्स ने हमारा सहयोग कर उसके दस्तावेज निकल वाये और जनाजे को पुरे सम्मान के साथ दफनाया गया। उन्हेने हमें अष्वासन दिया है कि इस क़ब्रिस्तान में जनाजे हमेशा दफनाये जाये गे। और इस कब्रीस्तान की बोन्डरी बहुत जल्द करा दी जाये गी।

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