आर्थिक प्रदूषण की मार, बनी गले की हड्डी

आर्थिक प्रदूषण की मार, बनी गले की हड्डी

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भारत में इस समय विभिन्न तरह के प्रदूषण देखे जा रहे है! हमेशा से भारत भ्रष्टाचार रुपी प्रदुषण की चपेट में रहा है अभी वायु प्रदूषण की चपेट में आ गया! अब तो हद ही हो गई अब का यह प्रदूषण काले धन से पैदा हुआ है! इसे ही खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने नोटबंदी का साहसिक फैसला लिया है! हालांकि बडे पमाने पर ़नोट बंद होने से लोगो को तकलीफ हो रही है! लोग अपने अपने नोट बदलने या उन्हे बैंको में जमा करने के लिए घंटो लाईनो में लगने को मजबूर हो है! कइयों को तो घंटो लाइन में लगने के बाद भी पैसे नही मिल रहे!

दरअसल यह प्रदूषण कालेधन के कुबेरांे की वजह से ही देश के अंदर फैल रहा है! यह ऐसा प्रदूषण है जो दिल्ली एनसीआर ही नही, पूरे देश को परेशान कर रहा है! अब पूरा देश इस आर्थिक प्रदूषण से उभरना चाहता है और कमजोर हो चुकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाना चाहता है! उम्मीद है कि नोटबंदी से उन पर प्रभाव पडे़गा! आंकडे़ भी बता रहे हैं कि नोटबंदी के फैसले से नकली नोटों का कारोबार एक झटके में बंद हो गया है! जो लोग अपनी तिजोरियों में अवैध पैसा जमा किये हुए थे, वे रूपये भी अब बेकार हो गये है!

यह स्थिति भयावाह रुप ले रही है! भारत का आर्थिक स्वरुप बहुत जटिल है! ऐसे में अधूरी व्यवस्था के साथ सरकार का यह अहम् कदम जनता के लिए एवं स्वयं सरकार के लिए गले की हड्डी बन गई है!

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