भाजपा को वोट मांगना पढ़ रहा है मेंहगा

भाजपा को वोट मांगना पढ़ रहा है मेंहगा

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नोटबंदी से परेशान जनता दिन रात लाइन में भूखे प्यासे लगे हैं! ऐसे में अगर कोई उनकी दुखतीरग पर हाथ रख दे तो उसकी भरपाई तो करनी ही पडे़गी ऐसा ही ताजा मामला सामने आया मध्य प्रदेश के शहडोल से जहॉं 19 नवंबर को वोट पड़ने हैं! ऐसे में कुछ भाजपाइयों ने बैंकों में जमा भीड़ का फायदा उठाते हुए भाजपा के पर्चे बाँटना शुरू कर दिए फिर बस होना क्या था! गुस्साए लोगों ने उन्हें खदेड़ा और जमकर पिटाई की! शहडोल लोकसभा सीट के उपचुनाव में भाजपा जिंदाबाद के नारे लगाना उन उत्साही कार्यकर्ताओं को महंगा पड़ा गया!
उत्साही और समर्पित भाजपा कार्यकर्ता जनता की परेशानियों को किनारे कर शनिवार की रात को भाजपा उम्मीदवार ज्ञान सिंह के पक्ष में वोट मांगने पहुँचे! ये घटना ग्रामीण आदिवासी इलाकों में हुई गाँव वालों ने उन्हें डाँट.फटकार कर भगा दिया! कुछ कार्यकर्ताओं के साथ मार.पीट भी की ग! पिटे भाजपा कार्यकर्ताओं ने जब अपने बड़े नेताओं को ये बात बताई तो उन्होंने उन्हें चुप रहने को कहा और समझाया कि अगर ये बात फैल गई तो आगे माहौल और भी खराब हो सकता है!
लगता है कि भाजपा का चुनावों में खर्चा और बढ़ जाएगा क्योंहि कार्यकर्ताओं के लिए सुरक्षा मुहैया कराए बिनाए जनता के बीच मोदी जिंदाबाद के नारे लगाना थोड़ा मुश्किल हो जाएगा! अब जनता भी भाजपा को वोट देने से इन्कार कर रही है! प्रचार अभियान में कार्यकर्ताओं की कमी से जूझ रही भाजपा के सामने मुश्किल हो गई है! हर सामान्य कार्यकर्ता को पुलिस सिक्योरिटी देना मुश्किल रहा हैए इसके लिए एक ही चारा निकाला जा रहा है कार्यकर्ता केवल बड़े नेता या मंत्रियों के साथ ही लगकर प्रचार करके अपनी औपचारिकता पूरी करें!
शहडोल लोकसभा सीट पर उपचुनाव भाजपा सांसद दलपत सिंह परस्ते के निधन के बाद हो रहा है! भाजपा ने दलपत सिंह परस्ते की बेटी और बेटे को दरकिनार करते हुए मंत्री ज्ञान सिंह को टिकट दिया हैए और उनका मुकाबला गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरासिंह मरकाम से है! हीरा सिंह मरकाम को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और शहडोल के जिला कलेक्टर रहे अजीत जोगी का भी समर्थन मिल गया है! अजीत जोगी का इलाका मरवाही शहडोल से ही लगा है!
भाजपा के प्रचार की कमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह को सौंपी है! कार्यकर्ताओं के अकेले बिना सिक्योरिटी के प्रचार में जाने से इन्कार की जानकारी उन्हें भी दी गई बताई जा रही हैए लेकिन अभी गृहमंत्री की तरफ से कोई रिएक्शन नहीं मिला है! अनौपचारिक बातचीत में कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने बताया कि इस बारे में पार्टी के नेताओं ने आपसी चर्चा तो की हैए लेकिन उसका कोई नतीजा अभी तक बताया नहीं गया है!

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