इलाहबाद कोर्ट का फैसला, नहीं करेंगी देह व्यापार का धंधा तभी दी...

इलाहबाद कोर्ट का फैसला, नहीं करेंगी देह व्यापार का धंधा तभी दी जाएगी अपने मकान में रहने की इजाजत

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मीरगंज स्थित रेड लाइट एरिया में सेक्स वर्करों को वहां के घरों में रहने को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है! इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनैतिक देह व्यापार कानून के तहत वहां की सेक्स वर्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने उनके मकान को सील करने का आदेश दिया था! डीएम के इस फैसले के खिलाफ सेक्स वर्करों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था! उन्हीं की याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई की!

अदालत ने कहा कि यदि सेक्स वर्कर कोर्ट में इस आशय का हलफनामा देती हैं कि वे देह व्यापार का धंधा नहीं करेंगी! इसके बाद ही उन्हें उनके मकान में रहने की इजाजत मिलेगी! सेक्स वर्कर अपने हलफनामे में कहें कि वे अपने मकान में सपरिवार रहेंगी और किसी दूसरे व्यक्ति को उसमें नहीं बुलाएंगी! यही नहीं कोर्ट ने ये भी कहा कि वे अपने मकान का उपयोग निवास के अलावा किसी अन्य काम के लिए नहीं करेंगी!

यह आदेश मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने सत्यभामा और दो अन्य की याचिकाओं पर दिया है! याची का कहना है कि उसके मकान संख्या 56सी/73सी का बैनामा लिया है! इसी मकान का भूतल अंजलि सामंत का है! इसी साल अप्रैल महीने में पुलिस ने देह व्यापार की शिकायत पर नोटिस जारी कर पूरा मकान सील कर दिया था! एसडीएम के इस आदेश की वैधता को चुनौती दी गई थी! जिस पर अदालत ने यह फैसला सुनाया!

यदि चिंतन किया जाए तो कोर्ट का यह फैसला भी कही हद तक सही है! किंतु सवाल है सेक्स वर्करों के काम का वह कहां से नई ज़िंदगी की शुरुआत करेंगी!

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