ऑल इंडिया मैन्युफैक्चरर्स ऑर्गनाइजेशन ने नोटबंदी से हुए नुकसान के प्रस्तुत किए...

ऑल इंडिया मैन्युफैक्चरर्स ऑर्गनाइजेशन ने नोटबंदी से हुए नुकसान के प्रस्तुत किए चौंकाने वाले आंकड़े

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अर्थशास्त्री यह अंदाजा तो लगा रहे थे की नोटबंदी से देश को नुकसान होगा और इसका प्रभाव सामने भी आ रहा है। उद्योगों पर इसका असर देखने को भी मिला है। भारत में निर्माताओं (मैन्युफैक्चरर्स) की सबसे बड़ी संस्था ऑल इंडिया मैन्युफैक्चरर्स ऑर्गनाइजेशन ने नोटबंदी के प्रभाव को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं।

ए आई एम औ की स्टडी के मुताबिक नोटबंदी का फैसला लागू होने के 34 दिन के अंदर ही सूक्ष्म-लघु स्तर के उद्योगों में 35 फीसद लोग बेरोज़गार हो गए वहीं राजस्व में भी 50 फीसदी की गिरावट हुई।

ए आई एम औ द्वारा की गई स्टडी में मार्च 2017 से पहले नौकरियों में 60 फीसदी की गिरावट और राजस्व 55 फीसदी घटने की आशंकी जताई गई है। आई एम औ के अंतर्गत मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट से जुड़े 3 लाख सूक्ष्म, मध्यम और बड़े स्तर के उद्योग आते हैं।

ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक नोटबंदी से लगभग सभी उद्योग में एक ठहराव देखने को मिला है लेकिन छोटे और मध्यम स्तर के उद्यम सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। नोटबंदी के प्रभाव को लेकर ए आई एम औ की यह तीसरी स्टडी है जिसे पिछले महीने सभी सदस्यों को भेजा गया था। जल्द ही चौथी स्टडी भी आने वाली है।

वहीं इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से जुड़े मध्यम और बड़े स्तर के उद्योगों में 35 फीसदी नौकरी घटीं और 45 फीसदी राजस्व में गिरावट हुई। मार्च तक नौकरी और राजस्व में 40 फीसदी गिरावट होने की आशंका है। निर्यात से जुड़े मध्यम और बड़े स्तर के उद्योगों में 30 फीसदी नौकरी और 40 फीसदी राजस्व घटा है। मार्च तक नौकरियां घटने का आंकड़ा 35 फीसदी और राजस्व में गिरावट का आंकड़ा 45 फीसदी हो सकता है।

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