पीएम मोदी ने किया भीम ऐप का आरंभ, लेन देन प्रक्रिया में...

पीएम मोदी ने किया भीम ऐप का आरंभ, लेन देन प्रक्रिया में अब अंगुठा ही होगा पहचान

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधार आधारित मोबाइल पेमेंट ऐप भीम (भारत इंटरफेस फॉर मनी) जारी किया। भीम सरकार के पुराने यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) और यूएसएसडी (अस्ट्रक्चर्ड सप्लीमेंट्री सर्विस डाटा) का ही नवीनीकृत रूप है। प्रधानमंत्री ने बताया है कि भीम ऐप बिना इंटरनेट के भी काम करेगा।

प्रधानमंत्री ने दिल्ली स्थित ताकटोरा स्टेडियम में डिजी धन मेला कार्यक्रम के दौरान ये घोषणा की। पीएम ने लकी ग्राहक योजना के विजेताओं के नाम की भी घोषणा की। भीम ऐप के उद्घाटन पीएम मोदी ने खादी ग्रामोद्योग से खरीदारी करके की। भीम ऐप को एंड्रॉयड ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। माना जा रहा है कि ये ऐप प्लास्टिक कार्ड और पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन की जगह ले सकेगा और नकद-मुक्त अर्थव्यवस्था के निर्माण में योगदान दे सकेगा।

भीम ऐप के उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक दिन ऐसा आएगा कि पूरा कारोबार इस पर किया जा सकेगा। प्रधानमंत्री ने ये भी बताया कि इस ऐप का भारत रत्न डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के नाम पर रखा गया है। पीएम मोदी ने कहा कि इस ऐप के लिए आपका उंगली का निशान काफी है। आपको इसके लिए इंटरनेट या स्मार्टफोन की जरूरत नहीं होगी। पीएम मोदी ने बताया कि भारत में 100 करोड़ से ज्यादा लोगों का आधार कार्ड बन चुका है और देश में 100 करोड़ से अधिक फोन भी हैं।

ऐप डाउनलोड करने के लिए गूगल प्ले स्टोर पर जाएं या फिर इस लिंक पर क्लिक करे। ऐप डाउनलोड करें और स्मार्टफोन में इस्टॉल करें। इसके बाद ऐप को ओपन करके अपने बैंक से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करें। इसके बाद ऐप के जरिए पैसे मंगाए या भेजे जा सकते हैं। इस ऐप को आप इस लिंक पर क्लिक करके डाउनलोड कर सकते हैं।

कारोबारियों को भीम ऐप अपने स्मार्टफोन पर डाउनलोड करना होगा। ये ऐप एक बॉयोमेट्रिक रीडर से जुड़ा होगा जिसकी कीमत बाजार में 2000 रुपये है। ग्राहक ऐप में अपना आधार नंबर और बैंक का नाम डालेंगे। उसके बाद बॉयोमेट्रिक स्कैन का पासवर्ड के रूप में इस्तेमाल करके उपभोक्ता भुगतान कर सकेंगे। आधार कार्ड बनाने वाली संस्था यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) के सीईओ अजय भूषण ने इकोनॉमिक्स टाइम्स इस ऐप के जरिए उपभोक्ता बगैर किसी फोन के भुगतान कर सकेंगे। पांडे ने बताया कि करीब 40 करोड़ आधार कार्ड को बैंक खातों से जोड़ा जा चुका है। सरकार ने मार्च 2017 तक सभी आधार कार्ड को बैंक खातों से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।

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