रोहित और फैसल की मां का सरकार से सवाल, भारत में अल्पसंख्यक...

रोहित और फैसल की मां का सरकार से सवाल, भारत में अल्पसंख्यक क्यों सुरक्षित नहीं

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आरएसएस की गुंडागर्दी और तालीबानी रवैये ने फैसल उर्फ अनिल कुमार को मौत के घाट उतार दिया है! फैसल वहीं नाम है जिसने स्वैच्छा से इस्लाम स्वीकार किया था! संविधान के आधिकार का प्रयोग करना गुनाह है ये बात तब सामने आयी जब फैसल की हत्या कर दी गई! अब फैसल की माँ ने रोहित वेमुला की माँ ने मुलाकात की!

दोनों माओं ने अपने कलेजे के टुकड़े को खोया है उनका दर्द इस सरकार को न दिखाई देगा और ना ही सुनाई देगा! उन्होने केंद्र सरकार के ऊपर आरोप लगाए! उन्होंने कहा ये लोग अल्पसंख्यक लोगों को दबा रहे हैं और उनके अधिकारों का हनन कर रहे हैं! केंद्र शासकों द्वारा हमें संगठित साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है! राधिका ने कहा कि प्रधानमंत्री जिसकी कोई पत्नी है और न कोई बच्चा वह औलाद से वंचित होने वाले का दर्द कैसे समझेंगे!

सियासत के अनुसार मुलाक़ात के दौरान राधिका वेमुला ने स्वर्गीय फैसल की मां मीनाक्षी पर जोर दिया कि वह खुद को संघ परिवार की सरकार में अपने पुत्र गंवाने वाली माँ के रूप में अपनी पहचान बनाए! रोहित वेमुला के दोस्तों के साथ मीनाक्षी से मुलाकात के लिए आई राधिका ने कहा कि सरकार  संघ परिवार के नियंत्रण में है!

राधिका ने मीनाक्षी को प्रोत्साहित करते हुए कहा, “वह एक मजबूत फ्रंट तैयार करें और फैसल की परिवार को सुरक्षा प्रदान करने का काम करे! अपने बेटे की मौत के बाद मीनाक्षी ने इस्लाम धर्म स्वीकार करते हुए अपना नाम जमीला रख लिया था! इस साल अप्रैल में राधिका ने अपने दलित रिसर्च स्कालर बेटे के हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में एबीवीपी सदस्यों और यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से पड़तड़ित किए जाने के बाद आत्महत्या करने के बाद बौद्ध धर्म स्वीकार कर लिया था!

पुलिस ने आठ लोगों सहित आरएसएस कार्यकर्ताओं को फैसल की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया है! पुलिस के अनुसार फैसल की हत्या में उसके रिश्तेदारों का हाथ है जिन्हें परिवार के अन्य लोगों को इस्लाम स्वीकार करने की आशंका पैदा हो गुई थी! फैसल की मौत से एक सप्ताह पहले फैसल की पत्नी और बच्चो ने इस्लाम धर्म स्वीकार किया था!

फैसल और रोहित के मां ने धर्म परिवर्तन करके आरएसएस और एबीवीपी के मुंह पर तमाचा मारा है और भारत सरकार को यह बता दिया है की इंसाफ मिलना आपके राज में आसान नहीं, दलित होना या फिर मुसलमान होना अपराध है तो अपराध हम बार बार करेंगें! अगर निर्दोश बच्चों को मौत मिल रही है तो ऐसी सरकार होने से क्या फायदा! जो सिर्फ अपने चमचों की ही सुरक्षा करना जानते हैं! अल्पसंख्यकों की नहीं!

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