सू की को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में घसीटने की कोशिश, 1.5 लाख लोगों...

सू की को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में घसीटने की कोशिश, 1.5 लाख लोगों ने किए हस्ताक्षर

54
SHARE

म्यांमार में मुसलमानो का क़त्लेआम ज़ारी है दुनियाभर में सु की की आलोचना होनी शुरू हो गई है| म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमों पर हो रहे ज़ुल्म के खिलाफ अब आवाज़ उठ रही है| पूरी दुनिया में लोग इसकी निंदा कर रहे हैं| अब देश की सर्वोच्च नेता आंग सान सू के दौहरे रवैय्ये के विरुद्ध लोगों का गुस्सा बाहर आ रहा है और लोग उन्हें अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में लाने की मांग कर रहे हैं|
बता दें कि रोहिंग्या म्यांमार का अल्पसंख्यक मुस्लिम समाज है जिसे वहाँ की सरकार और बहुसंख्यक बुद्ध समाज म्यांमार का नागरिक नहीं मानते| रोहिंग्याओं पर अक्सर बहुसंख्यक समाज और देश की सेना द्वारा ज़ुल्म की खबरे आती रहती है| हाल ही में फिर से म्यांमार की सेना रोहिंग्या गांवों में जाकर उनके घरों को जला रही है और लोगों को गोलियां मार रही है| इस कारण हज़ारों रोहिंग्या डर कर बांग्लादेश की सीमा पर आ गए है और खाने की कमी के कारण वहां भी मर रहे हैं| देश की सर्वोच्च नेता और नोबेल पुरुस्कार विजेता आंग सान सू खुद को शांति दूत बताती हैं लेकिन अपने ही देश में रोहिंग्या मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचार पर आँखें बंद करके बैठी हैं| इसी कारण उनके खिलाफ एक याचिका शुरू की गई है, जिसमे मांग की गई है कि आंग सान सू और म्यांमार के सेना अध्यक्ष मिंग आंग हलांग को अंतर्राष्ट्रीय अदालत (द हेग) I.C.J या मानव अधिकार के यूरोपीय न्यायालय में पेश किया जाए|
याचिका में दुनिया में शांति स्थापित करने और मानवता को इस मांग का आधार बताया गया है| इस याचिका पर अभी तक 1 लाख से ज़्यादा लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं|

SHARE

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY