शिक्षा पर गिरी गाज, जलाये गए स्कूल

शिक्षा पर गिरी गाज, जलाये गए स्कूल

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kashभारत सबसे बड़ा लोकतंत्र है और 14 साल तक मुफ्त शिक्षा पाना हर बच्चे का अधिकार है भारतीय राजनितिक  दल व् स्वयंसेवी संस्थायें ज़ोर शोर से शिक्षा को बढ़ावा देने में ऐढी से छोटी तक का ज़ोर लगाते दिखाई देते है पर ये कोई शोक नहीं बल्कि अपने ही राजनीतिक फायदे के लिए भोली भाली जनता के  दिलों में ये विश्वास पैदा करने के लिए होता है की सिर्फ हम ही अपनी प्रजा का भला चाहते है ताकि इससे वोटों की गिनती बढ़ाई जा सके! जगह जगह स्कूल भी खोले जाते है! और माता पिता को अधिक से अधिक अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है! 

 

परंतु इसके विपरीत कश्मीर में कुछ और ही माहौल है! पिछले कुछ हफ़्तों में यहाँ करीब 20 स्कूलों को आग लगा दी गयी! जिसका कारण जुलाई में हिज़्बुल मुजाहिद्दीन के एक स्थनीय कमांडर बुरहान वानी की मौत को बताया जा रहा है! इसके बाद राज्य में हिंसा और तनाव जारी है! पिछले दिनों सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्ष में 90 लोगों की मौत हो चुकी है! हैरानी की बात तो ये है की घाटी में स्कूलों को जलाने के मामले में अभी तक न तो कोई गिरफ्तारी हुई है और न ही किसी समूह ने इसकी ज़िम्मेदारी है! सूत्रों की माने तो चरमपंथी समूह लश्कर-ए-तैयबा ने राज्य के शिक्षा मंत्री नईम अख़्तर को सितंबर में धमकी दी थी कि यदि स्कूल खोले गए तो परिणाम बुरे होंगे! “कुछ लोगों का मानना है कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि हाल की घटनाओं में पैलेट गन से सैंकड़ों बच्चे घायल हुए हैं! लेकिन बच्चों की पढ़ाई, परीक्षा में बाधा डालने का कोई मतलब नहीं है! जो देश प्रगति करना चाहता है वह बच्चों की शिक्षा की अनदेखी नहीं कर सकते” ये घटनाएं राज्य में 1990 के दौर की याद दिलाती है जब घाटी में चरमपंथ का बोलबाला था!

यदि ऐसा ही चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब अफगानिस्तान और तालिबान की तरह शिक्षा बन्दुक की नोंक पर प्राप्त की जाएगी! आज के बच्चे कल का भविष्य होते है! आज हम जिस तरह की शिक्षा अपने बच्चों को दे रहे हैं कल वही हमें प्राप्त होगी चाहें वो सकारात्मक हो या नकारात्मक इसलिए सरकार और प्रशासन को स्कूल की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए! देश भर में मंत्रियों की सुरक्षाओं पर करोड़ों रूपये खर्च किये  जाते हैं तो क्या इनका यह फ़र्ज़ नहीं की विद्यालयों की सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम कियें जाएँ

 

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