मर्द हो या औरत, दूर कर लें सेक्स की समस्या से जुड़े...

मर्द हो या औरत, दूर कर लें सेक्स की समस्या से जुड़े कुछ भ्रम

240
SHARE

सेक्स या सेक्स की समस्या के बारे में मर्द हो या औरत, दोनों ही हिचकिचाते हैं। लेकिन इससे जुड़े भ्रमों का दूर होना बहुत जरूरी है, पढ़ें कुछ सवाल और उनके जवाब।
सेक्स की समस्या पर मरीज बात नहीं करना चाहता। स्पेशलिस्ट डॉक्टर को दिखाने के बजाय चोरी छिपे नीम-हकीम से इलाज, दोस्तों की सलाह लेने और केमिस्ट संचालकों से दवा लेने पर ज्यादा विश्वास रखते हैं। मर्ज ठीक न होने पर मरीज धीरे-धीरे तनाव में आते हैं।
पीजीआई के यूरोलाजिस्ट (सेक्स समस्या से पीड़ित मरीज का इलाज करने वाले भी) कहते हैं कि लोग ज्यादा इसलिए पीड़ित हैं, क्योंकि उनमें सेक्स एजुकेशन नहीं है। जो प्राकृतिक प्रक्रिया है, उसे भी लोग बीमारी समझ रहे हैं। चार सितंबर को वर्ल्ड सेक्सुअल हेल्थ डे मनाया जाता है। इस मौके पर पीजीआई के यूरोलॉजिस्ट डॉ. संतोष कुमार ने सेक्स से संबंधित बीमारियों और मिथ के बारे में पूछे गए सवालों के बारे में विस्तार से जवाब दिए।
सवाल : सेक्स समस्या क्या है?
जवाब : उम्र के साथ-साथ लोगों में सेक्सुअल चेंज आते हैं। इन बदलावों के साथ कुछ दिक्कतें आती हैं। जैसे सेक्स में संतुष्टि न होना। सेक्स में असमर्थ होना। इनका जब इलाज नहीं होता है तो लोग डिप्रेशन में आ जाते हैं। शादी के बाद जब यह समस्या सामने आती है तो डिप्रेशन लोगों की जिंदगी तबाह कर देती है। कई बार तो नौबत तलाक तक पहुंच जाती है।
सवाल : हाल के दिनों में क्या बदलाव देखने को मिला है
जवाब : सबसे बड़ा बदलाव यही है कि अब महिलाएं अपने पति को साथ में लेकर आ रही हैं। या यूं कहें कि अधिकतर महिलाएं ही अपने पति को लेकर क्लीनिक पहुंचती हैं। अब भी लोगों में शर्म और हिचक हावी है। मेरे पास पहुंचने के बाद भी लोग खुलकर अपनी बात नहीं कह पाते हैं। सेक्स समस्याओं में कोई बदलाव नहीं है। बस लोग थोड़े से जागरूक हुए हैं।
सवाल : सबसे ज्यादा लोग किस तरह की समस्या लेकर आते हैं?
जवाब : दो तरह की समस्या सबसे ज्यादा लेकर आते हैं। पहला सेक्स में संतुष्टि न होना और दूसरा असमर्थता। कुछ लोग स्वप्न दोष की बीमारी भी लेकर आते हैं।
सवाल : क्या इन बीमारियों का इलाज संभव है?
जवाब : यदि जल्दी आ जाएं तो 90 प्रतिशत इलाज दवाओं से संभव है। कुछ मामलों में तो सर्जरी करनी पड़ती है। इलाज में कई तरह के आविष्कार हुए हैं। अक्सर देखा गया है कि लोग नीम हकीम और दूसरे डॉक्टरों को दिखाने के बाद पीजीआई की ओपीडी में पहुंचते हैं। ऐसे लोगों के इलाज में थोड़ी दिक्कतें आती हैं।
सवाल : लोग देरी से क्यों पहुंचते हैं? क्या लोगों को पता नहीं होता?
जवाब : दरअसल लोगों को पता ही नहीं है कि इसका इलाज कहां होता है। अधिकतर सेक्सोलॉजिस्ट, नीम हकीम के पास जाते हैं। जबकि इसका इलाज सिर्फ यूरोलॉजिस्ट के पास उपलब्ध है। यदि उनको इलाज के दौरान लगता है कि मरीज को किसी अन्य विशेषज्ञ के पास रेफर करना है तो वह खुद से ही रेफर कर देते हैं। यदि मरीज को साइक्रेटिस्ट के पास भेजना है तो यूरोलाजिस्ट ही रेफर करेंगे।
सवाल : बाजार में सेक्स पावर बढ़ाने वाली मेडिसिन कितनी उपयोगी है?
जवाब : 95 प्रतिशत दवाएं बेफिजूल की हैं। इनका कोई फायदा नहीं है। इन दवाओं से बीमारी कॉनिक (स्थायी) बन जाती है। मैं पूरे दावे के साथ कह सकता है कि जब तक मरीज यूरोलाजिस्ट को नहीं दिखाएंगे, तब तक सेक्स समस्या का इलाज नहीं है। कुछ लोग मानते हैं कि मेल हार्मोन्स से सेक्स पावर बढ़ती है, लेकिन इसे लेने से पहले यूरोलाजिस्ट व इंडोक्राइनोलाजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए।

SHARE

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY