ब्रिक्स: जिनपिंग से नाराजगी जताएंगे मोदी, चीन ने मसूद अजहर पर बैन...

ब्रिक्स: जिनपिंग से नाराजगी जताएंगे मोदी, चीन ने मसूद अजहर पर बैन का किया था विरोध

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पणजी. गोवा में शनिवार से 8वीं ब्रिक्स समिट होगी। माना जा रहा है कि इस बैठक में नरेंद्र मोदी आतंकवाद पर चीन के रुख को लेकर प्रेसिडेंट शी जिनपिंग से नाराजगी जताएंगे। बता दें कि चीन ने हाल ही में आतंकी मसूद अजहर पर बैन लगाने का यूएन में विरोध किया था। अजहर वही आतंकी है, जिसे 17 साल पहले कंधार हाईजैक केस में यात्रियों की रिहाई के बदले छोड़ा गया था। पठानकोट एयरबेस और उड़ी आर्मी कैम्प पर हमले में मसूद के संगठन जैश-ए-मोहम्मद का ही हाथ था। एनएसजी पर भी होगी चर्चा…
– 15 और 16 अक्टूबर को होने वाली ब्रिक्स समिट में मोदी और शी जिनपिंग के बीच बातचीत होनी है। इसमें मसूद अजहर जैसे आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई पर बात हो सकती है।
– हाल ही में चीन ने यूएन में मसूद अजहर को आतंकी करार देने की भारत की कोशिशों को झटका दिया था।
– चीन का कहना है कि वह भारत के राजनीतिक फायदे के लिए ऐसी किसी भी कोशिश का सपोर्ट नहीं कर सकता।
– ब्रिक्स समिट के दौरान मोदी एनएसजी में भारत की मेंबरशिप का सपोर्ट करने पर भी जिनपिंग से बात कर सकते हैं।
रूस से दूर होगी रिश्तों की खटास
– मोदी रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन से भी अलग से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इसमें दोनों देशों के बीच रिश्तों में आई खटास दूर करने की कोशिश होगी।
– दरअसल, रूस ने हाल ही में पाकिस्तान के साथ आर्मी की ज्वाइंट एक्सरसाइज ‘फ्रेंडशिप-2016’ की थी।
– उड़ी हमले के कुछ दिन बाद की गई इस ड्रिल पर भारत ने रूस से नाराजगी जताई थी।
भारत चाहता है ब्रिक्स मेंबर्स पाक का विरोध करें
– भारत चाहता है कि ब्रिक्स की बैठक में सभी पांचों मेंबर ब्राजील, रूस, इंडिया, चाइना, साउथ और अफ्रीका पाकिस्तान की ओर से हो रहे हमलों का विरोध करें।
– मोदी की यह भी कोशिश है कि इस बैठक के जरिए मंदी से जूझ रहे सभी मेंबर देशों का हौसला बढ़ाया जाए।
चीन चाहता है फ्री ट्रेड एरिया
– चीन चाहता है कि गोवा में ब्रिक्स मेंबर्स कारोबार की दिक्कतों को दूर करने के लिए फ्री ट्रेड एरिया बनाने पर सहमति जताएं।
– चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने गुरुवार को ब्रिक्स देशों से यह अपील की।
– रिपोर्ट में कहा गया कि चीन बाकी चार मेंबर देशों के लिए अपना घरेलू बाजार खोलना चाहता है। लेकिन दूसरे देशों की ओर से अभी ऐसा कमिटमेंट नहीं आया है।
– चीन का कहना है कि वह फ्री ट्रेड के लिए ऑस्ट्रेलिया और साउथ कोरिया समेत कई देशों के साथ 14 एग्रीमेंट पर दस्तखत कर चुका है।
क्या है ब्रिक्स
– BRICS (ब्राजील, रूस, इंडिया, चाइना, साउथ अफ्रीका) देशों का एक ग्रुप है। यह 2011 में बना था।
– इस ग्रुप को बनाने का मकसद अपने इकॉनोमिक और पॉलिटिकल दबदबे से वेस्टर्न कंट्री के रुतबे को चुनौती देना है।
– इन पांचों देशों की जीडीपी 1600 हजार करोड़ रुपए है।
– ब्रिक्स ने वॉशिंगटन में मौजूद इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड और वर्ल्ड बैंक के मुकाबले अपना खुद का बैंक बनाया है।
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