नोटबंदी के कारण उर्जित पटेल की मुश्किलें बढ़ी, अब मोदी सरकार भी...

नोटबंदी के कारण उर्जित पटेल की मुश्किलें बढ़ी, अब मोदी सरकार भी परेशान

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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राज्यसभा में सरकार के नोटबंदी के कदम को प्रबंधन की बड़ी विफलता करार देते हुये कहा कि इससे जीडीपी वृद्धि में दो प्रतिशत तक कमी आ सकती है! जो कई हद तक सही है मनमोहन कांग्रेस पार्टी  होने साथ एक अर्थशास्त्री भी हैं!

अब इसी कड़ी में कांग्रेस सदस्‍यों के नेतृत्‍व वाली दो संसदीय समितियों ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर उर्जित पटेल को तलब किया है!

संसद में माहौल गरम है जिसके चलते सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध के चलते इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हो पा रही है! वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता एम वीरप्‍पा मोइली की अगुवाई वाली स्‍टैंडिंग कमेटी ने पटेल को विमुद्रीकरण के फैसले के प्रभाव का आंकलन करने के लिए तलब करने का फैसला किया था!

इसके एक दिन बादए केवी थॉमस के नेतृत्‍व वाली लोक लेखा समिति (पीएसी) ने भी आरबीआई गवर्नर वित्‍त मामलों के विभाग के सचिव शक्तिकांत दास और वित्‍तीय सेवाओं के सचिव अंजुलि चिब दुग्‍गल को 2 जनवरी को मामले पर चर्चा के लिए बुलाया है! अब देखना यह होगा की इस चर्चा का क्या नतीजा निकलता है!

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नोटबंदी के फैसले से अनुमानों के मुताबिक नोटबंदी की वजह से चालू वित्त वर्ष के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर कम रह सकती है! हालांकिए विभिन्न अनुमानों में वृद्धि दर 0.5 से लेकर 2 प्रतिशत तक कम रहने की बात कही गई है!

जुलाई-सितंबर की दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े जारी होने के बाद मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमणियम ने कहाए हमारे पास पहली छमाही के वास्तविक आंकड़े अब उपलब्ध हैं!

इनसे अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन के मजबूत होने का पता चलता है! पर दूसरी छमाही के लिये हमें इंतजार करना होगाए इस मामले में अभी काफी अनिश्चितता है! हमें कुछ भी कहने से पहले स्थिति की समीक्षा करनी होगी!

चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रही है! पहली तिमाही में यह 7.1 प्रतिशत रही थी!

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