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आयशा फलक की बहादुरी को सलाम, हौसला अफ़ज़ाई करने पहुंचे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल

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बदमाशों को गोली मारकर देवर को छुड़ाया

नई दिल्ली. नेशनल शूटर ने अपहरणकर्ताओं के चंगुल से अपने देवर को बचाने के लिए न सिर्फ उनका पीछा किया बल्कि दोनों बदमाशों के पैरों में गोलियां मारकर अपने देवर को छुड़ा भी लिया। जिस बहादुर महिला ने यह कारनामा अंजाम दिया है उसका नाम आयशा फलक है आयशा राष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक आयशा का देवर आसिफ जो कि दिल्ली यूनिवर्सिटी का छात्र है, वो पॉकेट मनी के लिए पार्ट टाइम कैब चलाता है। गुरुवार रात करीब 8:30 बजे आसिफ ने दो लोगों को दरियागंज से भोपुरा गांव ड्रॉप करने के लिए पिक किया। भोपुरा गांव के पास दोनों ने आसिफ को लूटने के मकसद से उसे मारा पीटा और उसका पर्स छीन लिया।
जानकारी के मुताबिक आसिफ के पर्स में उस समय सिर्फ 150 रुपए थे और इसी बात पर बदमाशों को गुस्सा आ गया और वो आसिफ को जान से मारने की बात करने लगे। इस बीच आसिफ ने घरवालों को फ़ोन कर 25000 रुपये लेकर शास्त्री पार्क आने को कहा। लेकिन आयशा और उसके पति फलक शेर आलम को शक हो गया कि कुछ गड़बड़ है। उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को भी दे दी। पुलिस सादे कपड़ों में फलक और आयशा के साथ बताई गई जगह पहुंच गई। जैसे ही वो शास्त्री पार्क पहुंचे बदमाशों को भी शक हो गया कि इन दोनों के साथ पुलिस आ गई है। बदमाशों ने आयशा और फलक को गाड़ी भजनपुरा की तरफ बढ़ाने को कहा। जब भजनपुरा के पास पहुंची तो बदमाश आसिफ को गनप्वाइंट पर लेकर गाड़ी से उतरे क्योंकि उनको लग गया था कि वो हर ओर से घिर गए हैं। अपनी जान बचाने के लिए वह आसिफ को गोली मारने की बात कहने लगे। इसी बीच अचानक गोली चलने की आवाज आई। दोनों बदमाशों को किसी ने गोली मार दी थी।
यह गोली आयशा ने चलाई थी। आयशा ने अपनी पिस्टल ।32 बोर से निशाना साधकर दोनों बदमाशों पर लगातार दो फायर कर दिए। दोनों के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने आनन-फानन में दोनों बदमाशों को कब्जे मे ले लिया और उन्हें अस्पताल भेजा। इन बदमाशों के नाम मोहम्मद रफी और आकाश हैं। इस घटना के बाद हर कोई आयाशा की बहादुरी की तारीफ कर रहा है। आयशा ने भी कहा है कि हर लड़की को आत्मरक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए।

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